प्राचीन मेधा और आधुनिक तकनीक का संगम है नया भारतः डॉ. सुधांशु त्रिवेदी

New India is a confluence of ancient wisdom and modern technology: Dr. Sudhanshu Trivedi

सहारनपुर। सहारनपुर के औद्योगिक और सामाजिक इतिहास में 11 अप्रैल 2026 की शाम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई।
नगर के सेट गंगा प्रसाद प्रेक्षागृह (जनमंच सभागार) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विचारक एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी उपस्थित रहे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री योग गुरु भारत भूषण ने की। इस अवसर पर महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, देवेंद्र निम और भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक, उद्यमी और संत समाज उपस्थित रहा। कार्यक्रम का कुशल संचालन संदीप शर्मा द्वारा किया गया।
मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने लगभग एक घंटे से अधिक के अपने संबोधन में भारत की प्राचीन मेधा और भविष्य के विकसित भारत का रोडमैप साझा किया। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा भारत का युवा केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि सृजनकर्ता है। दुनिया जिसे आज आधुनिक विज्ञान कहती है, उसकी जड़ें हमारी प्राचीन संस्.ति और ऋषि-परंपरा में निहित हैं। हमारे वेदों और शास्त्रों ने सदियों पहले उन खगोलीय और वैज्ञानिक सत्यों को उद्घाटित कर दिया था, जिन्हें खोजने में पश्चिम को हजारों साल लगे।
भगवान राम का उल्लेख करते हुए उन्होंने वर्तमान परिवेश को जोड़ते हुए कहा कि राम केवल एक नाम नहीं, बल्कि मर्यादा और सुशासन का वह आदर्श हैं, जो आज के आत्मनिर्भर भारत की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में जन्म लेने वाला हर इंसान अपनी मूल चेतना में सनातनी है, क्योंकि सनातन ही वह शाश्वत सत्य है जो मानवता को जोड़ता है। भारत सदैव विश्व का मार्गदर्शन रहा है, उनके कभी भी किसी के राज्य, हक व भूमि पर अपना अधिकार नहीं जातया चाहे वह श्री राम द्वारा लंका को जितना रहा हो भगवान श्री राम ने लंका को जीतने के बाद वहां का राजा विभीषण को बनाकर धर्म के अनुसार राज्य करने का संदेश दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में जन्म लेने वाला हर इंसान अपनी मूल चेतना में सनातनी है, क्योंकि सनातन ही वह शाश्वत सत्य है जो मानवता को जोड़ता है।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और ऑटोमोबाइल निर्माण में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सिविल एविएशन के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जबकि डिजिटल ट्रांजेक्शन में भारत ने पहला स्थान हासिल कर लिया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु स्वामी भारत भूषण ने अपने आशीर्वचन में कहा कि समाज में सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवन शैली और योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। समारोह पूरे समय अनुशासित, प्रेरणादायक और राष्ट्रीय के संदेश से ओतप्रोत रहा, जिसमें बड़ी संख्या में उद्योगपति व्यापारी सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

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