सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में पांचवें नवरात्रि पर स्कंदमाता पूजा अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा मां स्कंदमाता कष्टों विनाश करने वाली देवी है। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित चैत्र नवरात्रि महोत्सव पूजा अवसर पर पांचवें नवरात्रि पर स्कंदमाता की विधिवत पूजा की गई और मां भगवती का पंचामृत से स्नान किया गया हरिद्रा युक्त जल से दुर्गा सहस्रनाम स्रोत से महा स्नान किया गया। इसके बाद माता का श्रृंगार किया गया और भोग अर्पण कर महा आरती उतारी गई।
स्कंद माता की महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा स्कंदमाता प्रकृति के छह रूप समाहित किए हुए हैं इन्हीं छः रूपों में कार्तिकेय भगवान का लालन पालन कृतिकाओं के रूप में मां स्कंदमाता ने किया। स्कंदमाता संतान की सुरक्षा एवं लालन पालन करने वाली आदिशक्ति देवी मानी जाती है क्योंकि स्कंदमाता ने हीं दानवों से कार्तिकेय भगवान की रक्षा की और उनका सुरक्षित पालन पोषण किया, महाराज श्री ने कहा स्कंदमाता सुख समृद्धि प्रदान करने वाली है एवं सभी की संतान की रक्षा करने वाली देवी हैं। उन्होंने कहा स्कंदमाता की शरण में जाने से विशेष रूप से भय रोग एवं दोष का नाश होता है मां आदिशक्ति नकारात्मकता का नाश करने वाली उग्र देवी मानी जाती है जो संतान की रक्षा के लिए उग्र धारण कर दानव का संघार करती हैं इसी आधार पर माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उनका भरण पोषण कर उनके सुरक्षा करती है प्रत्येक व्यक्ति को स्कंदमाता की शरण में जाकर नवार्ण मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए इससे भगवती अति प्रसन्न होती है और मनवांछित फल प्रदान करती हैं। इस अवसर पर पंडित नीरज मिश्रा पंडित ऋषभ शर्मा रमेश शर्मा अश्विनी कंबोज राजेंद्र धीमान मनोज शर्मा गीता बबीता राजबाला सुमन रेखा राधा आदि रहे।
संतान की रक्षक और कष्टों का विनाश करने वाली हैं मां स्कंदमाताः महाराज