सहारनपुर। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर जनपद सहारनपुर के होम्मोपैथी विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर नेत्रपाल सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर विवेक कुमार यादव जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी रहे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ होम्मोपैथिक चिकित्सकों डॉक्टर पी.डी. गर्ग, डॉक्टर शिशिर भारद्वाज, डॉक्टर हरीश मनचंदा, डॉक्टर शमशाद, व डॉक्टर अजय सैनी सहित जनपद के अनेक होम्म्रोपैथिक चिकित्सकों ने भाग लिया। जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विवेक कुमार यादव ने विभाग की उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनपद सहारनपुर में वर्तमान में 08 होम्योपैथिक चिकित्सालय ध् डिस्पेंसरी संचालित है वर्ष 2025 -26 के दौरान कुल 1,58,932 रोगियों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि नियमित ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री आरोग्स मेला एवं वाम सारथी पुलिस लाइन मेला एवं ष्आयुष आपके द्वारा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्येक रविवार को आमजन तक होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा रही है जिससे इस पद्धति की पहुंच और प्रभाव में वृद्धि हो रही है। विभाग द्वारा होम्योपैथिक डिस्पेंसरी के निर्माण हेतु स्वयं की भूमि स्वीकृत कराई जा रही है। इसमें शाहजहांपुर ब्लाक के फतेहपुर कला स्थित होम्योपैथिक डिस्पेंसरी का निर्माण पूर्ण होकर स्थानांतरित किया जा चुका है। वहीं नकुड एवं सरसावा स्थित डिस्पेंसरी हेतु भूमि की निरंतर तलाश की जा रही है। इसके अतिरिक्त जिला महिला चिकित्सालय स्थित होम्योपैथिक इकाई के पुननिर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय बुड्ढा खेड़ा, देवबंद, बड़गांव को स्वयं की भूमिअस्पताल बनाने के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है।
मुख्य अतिथि डॉक्टर नेत्रपाल सिंह ने अपने संबोधन में होम्मोपैथिक पद्धति के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे सुरक्षित प्रभावी एवं किफायती चिकित्सा प्रणाली बताया तथा आमजन से इसके अधिक अधिक उपयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में डा. मीना रावत, डा. सलविंदर कौर, डा. डॉक्टर गरिमा वर्मा, डा. रिजवान अली, डा. सुशील कुमार, डॉ सचिन कुमार, प्रज्वल भारती बाबूजी, लकी नेगी फार्मासिस्ट् प्रमोद कुमार शर्मा एम.ए अंसारी, मुकेश कुमार, गरिमा शुक्ला, अभिमन्यु वीर सिंह, अमित कुमार, जबर सिंह उपस्थित रहे।
होम्योपैथी पद्धति से 1.58 लाख से अधिक मरीज़ों को मिला स्वास्थ्य लाभ