मां शाकंभरी देवी मेलाः हाई-टेक सुरक्षा और दिव्य व्यवस्थाओं के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब

Maa Shakambhari Devi Fair: A wave of faith surges amidst high-tech security and divine arrangements

सहारनपुर। जिलाधिकारी मनीष बंसल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिनन्दन द्वारा अष्टमी एवं नवमी के अवसर पर मां शाकंभरी देवी मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ के दृष्टिगत व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसी के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना एवं हवन कर मां का आशीर्वाद भी लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मां शाकंभरी देवी मेला में सीसीटीवी, पीए सिस्टम, शौचालय व्यवस्था, अस्थाई अस्पताल, एंबुलेंस, पार्किंग व्यवस्था, बैरीकेटिंग, साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था, मजिस्ट्रेट, पुलिस बल की उपलब्धता आदि को देखकर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सभी व्यवस्थाओं को पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर और अधिक दुरूस्त बनाया गया है। आमनजों के सुविधा के तहत खोया-पाया केन्द्र भी बनाया गया है जिसका मूल उद्देश्य मेले में अपने अभिभावकों से बिछड चुके बच्चों को यथाशीघ्र मिलवाना है। उन्होने बताया कि 19 तारीख से अब तक अपने परिजनों से बिछड चुके 70 बच्चों को खोया-पाया केन्द्र से माध्यम से मिलवाया गया है। अस्थाई अस्पताल में प्रतिदिन 150-200 श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साफ-सफाई के लिए विशेष टीमें लगाकर संपूर्ण मंदिर परिसर को साफ-सुथरा रखा जा रहा है। आमजन के मध्य पॉलीथीन का कम से कम इस्तेमाल करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्ण प्रतिबंध करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होने कहा कि जनपद तथा जनपद के बाहर अन्य जनपदों एवं प्रदेशों से आ रहे श्रद्धालुओं को बहुत अच्छा अनुभव हो रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेले को और अधिक दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए सम्बन्धित अधिकारी निरंतर नजर बनाए रखें एवं सौंपी गई जिम्मेदारियों का इसी प्रकार निर्वहन करते रहें। उन्होंने कहा कि मां शाकंभरी देवी जाने के लिए श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और जिला पंचायत दिन रात एक किए हुए है। जिलाधिकारी मनीष बंसल बताया कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को सूपर जोन, जोन्स, सैक्टर में विभाजित कर 08-08 घंटों की शिफ्ट में मजिस्ट्रेट्स की तैनाती की गयी है। प्रति सैक्टर सैक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी पुलिस प्रभारी के रूप में तैनात है। मेला क्षेत्र में मेला कोतवाली की स्थापना कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था हेतु अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, होमगार्ड की तैनाती की गयी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस सहायता केन्द्र, खोया-पाया केन्द्र, मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित किए गये हैं।
मनीष बंसल ने बताया कि सम्पूर्ण व्यवस्थाओं की देख-रेख के लिए 04 वरिष्ठ अधिकारियों को मेला प्रभारी, 18 जोनल मजिस्ट्रेट, 48 सेक्टर मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, 04 उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा 05 पुलिस उपाधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर नियुक्त 450 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी है जिसके तहत निरीक्षक, यातायात पुलिस के अधिकारी व कर्मी, आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी, होमगार्ड एवं पीआरडी सदस्य, पीएसी कम्पनी, महिला आरक्षी एवं महिला मुख्य आरक्षी, 100 से अधिक सीसीटीवी, 40 पीए सिस्टम, शिफ्टवार 250 सफाई कर्मी, 10 हैक्टेयर भूमि पर पृथक-पृथक 07 वृहद पार्किंग स्थल, टायलेट, पेयजल, हैल्थ कैम्प, 03 एम्बुलेंस, बैरिकेटिंग कर भीड नियंत्रण, यातायात प्रबन्धन, अस्थायी पुलिस चौंकियों का गठन, महिला हेल्पडेस्क, दिशा-सूचक संकेतक, 20 स्वच्छ पेयजल टैंकर एवं 100 से अधिक शौचालय व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना, चिकित्सा व्यवस्था, प्रकाश एवं विद्युत की बेहतर व्यवस्था की गयी है।
19 मार्च से प्रारम्भ इस मेले में देश के विभिन्न प्रदेशों एवं जनपदों से लाखों श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों का आवागमन निरंतर बना हुआ है। 22 मार्च, 29 मार्च, 05 अपै्रल को रविवार के दिन, 25 मार्च को सप्तमी, 26 मार्च को दुर्गा अष्टमी, 27 मार्च को राम नवमी, 28 मार्च को दशमी, 30 मार्च को त्रयोदशी, 01 अपै्रल को चतुर्दशी एवं 02 अपै्रल को पूर्णिमा तथा हनुमान जयंती के अवसर पर अधिक भीड़ की संभावना के दृष्टिगत मण्डलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी एवं एसएसपी तथा प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगणों द्वारा निरंतर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समय-समय पर बैठकें कर दिशा-निर्देश दिए जा रहे है।
मेला परिसर में स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु की आकस्मिक तबियत खराब होने की स्थिति में उसे प्राथमिक उपचार दिया जा सके और गंभीर स्थिति होने पर मरीज को के जाने के लिए एम्बुलेंस भी चौबीसों घंटे तैनात है। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक अग्निकांड से निपटने के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ी और अचानक बाढ़ आने की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम और फ्लड पीएसी तैनात है। निरीक्षण के दौरान एसपी ग्रामीण सागर जैन, एसपी यातायात शैलेन्द्र कुमार, उपजिलाधिकारी बेहट मानवेंद्र सिंह, सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *