पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण सैन्य हमलों के जवाब में ईरान ने भी मोर्चा खोल दिया है, जिससे युद्ध अब नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। आसमान में मिसाइलों और ड्रोन्स की गूँज ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवरों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप का युद्ध को लेकर कड़ा रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव यह संकेत दे रहा है कि यह संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह एक बड़े वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार पश्चिम एशिया की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाली को लेकर सरकार सतर्क है।
ईरान और इस्राइल के बीच आर-पार की जंग, 9वें दिन भी मिसाइलों की गूँज