सहारनपुर। टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक और रोमांचक विजय के बाद सहारनपुर का कोना-कोना उत्सव के सागर में डूब गया। जैसे ही टीम इंडिया ने जीत की दहलीज पार की, समूचा शहर भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। आधी रात को भी सड़कों पर जनसैलाब ऐसा उमड़ा, मानो पूरा शहर एक साथ जश्न मनाने निकल पड़ा हो।
शहर का हृदय स्थल कहा जाने वाला घंटाघर क्षेत्र जीत के जश्न का मुख्य केंद्र बना। यहाँ हजारों की संख्या में क्रिकेट प्रेमी हाथों में तिरंगा लिए सड़कों पर उतर आए। उत्सव का आलम यह था कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की आंखों में जीत की चमक और गर्व साफ देखा जा सकता था। चहुंओर होती आतिशबाजी ने रात के अंधेरे को दीपावली की तरह रोशन कर दिया। मिठाई बांटकर लोगों ने एक-दूसरे को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी।
इस जश्न में एक खास चेहरा संदीप भाटिया का रहा, जो सात समंदर पार दुबई से महज इस ऐतिहासिक पल को अपने देशवासियों और अपनों के साथ जीने के लिए सहारनपुर पहुंचे थे। संदीप ने भावुक होते हुए कहा कि मैच तो दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर देखा जा सकता था, लेकिन अपनी माटी पर, अपने लोगों के बीच अपनी टीम की जीत का जश्न मनाने का जो आनंद है, वह और कहीं नहीं मिल सकता।
सहारनपुर के युवाओं ने अपनी खुशी का इजहार अनोखे और पूरी तरह देसी अंदाज में किया। दर्जनों युवा ट्रैक्टरों पर सवार होकर, तिरंगा लहराते हुए सड़कों पर निकले। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। बाइक और कारों के काफिले के बीच ट्रैक्टरों पर सवार इन युवाओं ने जीत के जश्न को और भी यादगार बना दिया।
अत्यधिक भीड़ और उत्साह के कारण घंटाघर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया। भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए वाहनों के पहिये थम गए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोर्चा संभाला और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। देर रात तक शहर की सड़कों पर जीत की गूँज सुनाई देती रही, जो यह बताने के लिए काफी थी कि भारत में क्रिकेट महज एक खेल नहीं, बल्कि एक गहरी भावना है।
विश्व विजेता बना भारत, झूम उठा सहारनपुर: