सहारनपुर। जहाँ एक ओर समाज में अक्सर धर्म और जाति की दीवारें खड़ी करने की कोशिश की जाती है। वहीं सांप्रदायिक सौहार्द और मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने सबका दिल जीत लिया है। नव प्रयास जागृति उत्थान सेवा समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए एक जरूरतमंद बेटी के लिए न केवल खून का इंतजाम किया, बल्कि समाज को एकता का बड़ा संदेश भी दिया।
जानकारी के अनुसार, नमक मिल निवासी अब्दुल्ला कॉलोनी के रहने वाले गुलबहार खान की पुत्री मिस्बाह की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता है। परिवार के लिए इस मुश्किल घड़ी में समय पर रक्तदाता ढूंढना एक बड़ी चुनौती बन गया था। परन्तु जैसे ही इस मामले की सूचना नव प्रयास जागृति उत्थान सेवा समिति तक पहुँची तो समिति के संस्थापक अध्यक्ष अर्चित अग्रवाल और सक्रिय सदस्य दीपक बंसल बिना देर किए अस्पताल पहुँचे। मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए दीपक बंसल ने स्वेच्छा से रक्तदान करने का निर्णय लिया। उनके इस समय पर किए गए सहयोग से मिस्बाह की जान बच सकी। अध्यक्ष अर्चित अग्रवाल ने बताया कि हमारा उद्देश्य जाति या धर्म देखना नहीं, बल्कि संकट में फंसे व्यक्ति की जान बचाना है। उन्होंने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
मिस्बाह के परिजनों ने भावुक होते हुए दीपक बंसल और पूरी समिति का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह दीपक बंसल एक फरिश्ते की तरह मदद के लिए आगे आए, उसे परिवार ताउम्र याद रखेगा। अस्पताल में मौजूद अन्य तीमारदारों और नागरिक समाज ने भी इस पहल की जमकर सराहना की। आज के दौर में जब छोटी-छोटी बातों पर मतभेद पैदा हो जाते हैं, दीपक बंसल और अर्चित अग्रवाल जैसे युवा समाज को सही दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल आसान हो जाती है।