तेहरान/दुबई। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी भारी तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है। ईरानी नौसेना के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल ही में जो सामरिक बदलाव हुए हैं, वे अब स्थायी हैं और इन्हें वापस पूर्व स्थिति में नहीं लाया जा सकेगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह संदेश विशेष रूप से अमेरिका और इस्राइल जैसे देशों के लिए है।
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नौसेना ने क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों को रेखांकित करते हुए कहा है कि अब एक नई वास्तविकता स्थापित हो चुकी है। इस नई हकीकत के तहत, वाशिंगटन के नेतृत्व वाली बाहरी शक्तियां अब ईरान के समुद्री क्षेत्रों में अपनी शर्तें नहीं थोप सकतीं।
ईरानी कमांडरों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र और उसके आसपास के जलमार्गों पर अब ईरान का नियंत्रण और प्रभाव पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है, जिससे बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म हो गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान का यह दावा कि वह अब यहाँ अपनी शर्तें निर्धारित करेगा, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के बाद फारस की खाड़ी में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान के एकाधिकार को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अब नहीं चलेगी अमेरिका की मनमानी, ईरानी नौसेना ने किया नई हकीकत का एलान