सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सहारनपुर महानगर द्वारा भारतीय नववर्ष एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर महानगर की विभिन्न बस्तियों में वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रमों का गरिमामयी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार को नमन करते हुए राष्ट्र आराधना का संकल्प लिया।
शिवाजी नगर की चन्द्र बस्ती में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विधिवत पूजन और आद्य सरसंघचालक प्रणाम के साथ उत्सव का प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर माननीय भाग संघचालक सुरेन्द्र लूथरा, महानगर बौद्धिक प्रमुख सुरेश एवं महानगर कार्यवाह रमेश जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता माननीय संघचालक श्रीमान प्रमोद जी ने अपने बौद्धिक पाथेय में कहा कि चौत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसी दिन सृष्टि की रचना हुई और सम्राट विक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त कर राष्ट्र के स्वाभिमान को पुनर्जीवित किया था। इस दौरान नगर कार्यवाह विशाल सहित कुल 42 स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इसी श्रृंखला में माधव नगर की बलदेव बस्ती में भी नववर्ष उत्सव अत्यंत उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में माननीय भाग सह संघचालक राकेश एवं महानगर प्रचारक कविंद्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
महानगर प्रचार प्रमुख अनुराग ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक जनवरी को नववर्ष मनाना औपनिवेशिक मानसिकता का प्रतीक है, जबकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हमारी सभ्यतागत पहचान और स्व. की पुनर्जागृति का मार्ग है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के राज्याभिषेक और छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा हिंदवी स्वराज की स्थापना जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों को साझा किया। नगर सह कार्यवाह विश्वजीत ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 30 स्वयंसेवकों की सहभागिता रही।
वक्ताओं ने भारतीय काल-गणना की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विक्रम संवत विश्व की प्राचीनतम पद्धतियों में से एक है। यह वह समय है जब प्रकृति स्वयं नवपल्लव और नवजीवन के साथ राष्ट्र के नवोत्थान का संदेश देती है। स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना और राष्ट्र के नवजागरण में इस तिथि के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
आरएसएस ने महानगर की बस्तियों में मनाया वर्ष प्रतिपदा उत्सव